RAADS-R स्कोर को समझें: आपके नतीजे का क्या मतलब है
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RAADS-R वयस्कों के लिए ऑटिज़्म की सबसे विस्तृत प्रश्नावलियों में से एक है, जिसे आप खुद भर सकते हैं। 80 कथनों और 0 से 240 तक के कुल स्कोर के साथ, नतीजे को समझना मुश्किल हो सकता है। इस लेख में हम बताते हैं कि स्कोर कैसे निकाला जाता है, सीमाओं का क्या मतलब है, हर क्षेत्र के स्कोर को कैसे पढ़ें, और आगे आप क्या कर सकते हैं।
RAADS-R का छोटा-सा परिचय
Ritvo Autism Asperger Diagnostic Scale – Revised को रिवा एरियेला रिटवो और उनके सहयोगियों ने 2011 में प्रकाशित किया था। इसे उन वयस्कों के लिए बनाया गया था जिनका ऑटिज़्म शायद बचपन में नज़रअंदाज़ हो गया, अक्सर ऐसे लोग जिन्होंने पढ़ाई और नौकरी तो संभाल ली, लेकिन जिन्हें हमेशा लगा कि वे दूसरों से अलग हैं। इसके कथन सामाजिक रिश्तों, रुचियों और रूटीन, भाषा, और संवेदी अनुभवों से जुड़े हैं।
RAADS-R आपकी ज़िंदगी के दो दौर के बारे में पूछती है: अभी का, और जब आपकी उम्र 16 साल से कम थी। यह इसलिए ज़रूरी है क्योंकि ऑटिज़्म बचपन की शुरुआत से ही मौजूद होता है। जो विशेषताएँ पूरी ज़िंदगी रही हैं, वे हाल में दिखने लगी विशेषताओं की तुलना में ऑटिज़्म की ओर ज़्यादा साफ़ इशारा करती हैं, जैसे वे विशेषताएँ जो तनाव या डिप्रेशन के किसी दौर में उभरी हों।
स्कोर कैसे निकाला जाता है
हर कथन के लिए आप चार में से एक जवाब चुनते हैं:
- अभी भी सच है और 16 साल की उम्र से पहले भी था: 3 अंक
- सिर्फ़ अभी सच है: 2 अंक
- सिर्फ़ 16 साल की उम्र से पहले सच था: 1 अंक
- कभी सच नहीं: 0 अंक
सत्रह कथन आम गैर-ऑटिस्टिक व्यवहार बताते हैं, जैसे “मेरे स्वभाव में दूसरों के लिए हमदर्दी है”। इनके अंक उलटे गिने जाते हैं, यानी “कभी सच नहीं” पर 3 अंक मिलते हैं। इस तरह प्रश्नावली उन विशेषताओं को भी पकड़ लेती है जिन्हें लोग सीधे शब्दों में बताना मुश्किल पाते हैं। सारे अंक जोड़कर 0 से 240 के बीच कुल स्कोर बनता है।
कुल स्कोर का क्या मतलब है
मूल अध्ययन में सीमा 65 अंक तय की गई थी। ऑटिस्टिक प्रतिभागियों में से 97% का स्कोर 65 या उससे ज़्यादा था, और किसी भी गैर-ऑटिस्टिक प्रतिभागी का नहीं। ऑटिस्टिक प्रतिभागियों का औसत स्कोर लगभग 134 था, और गैर-ऑटिस्टिक प्रतिभागियों का लगभग 26।
test-autism.com पर हम कुल स्कोर को इस तरह बताते हैं:
- 0–39: ऑटिज़्म होने की संभावना बहुत कम। आप बहुत कम ऑटिस्टिक विशेषताएँ बताते हैं।
- 40–64: ऑटिज़्म होने की संभावना कम। आप कुछ विशेषताएँ बताते हैं, लेकिन ज़्यादातर ऑटिस्टिक लोगों से कम।
- 65–129: ऑटिज़्म होने की संभावना ज़्यादा। आपका स्कोर मूल अध्ययन की सीमा से ऊपर है।
- 130 या उससे ज़्यादा: ऑटिज़्म होने की संभावना बहुत ज़्यादा। आपका स्कोर मूल अध्ययन में ऑटिस्टिक लोगों के औसत के बराबर या उससे ऊपर है।
मूल अध्ययन विशेषज्ञ क्लिनिकों में हुआ था, और प्रतिभागियों के जवाब देते समय कोई विशेषज्ञ मौजूद रहता था। दूसरे समूहों में हुए बाद के अध्ययनों में, जैसे उन लोगों में जिन्हें ऑटिज़्म जाँच के लिए भेजा गया था, पाया गया कि पहले अध्ययन के अनुमान से ज़्यादा गैर-ऑटिस्टिक लोगों का स्कोर 65 से ऊपर आता है। इनमें से कई को एंग्ज़ायटी, डिप्रेशन, ADHD या पर्सनैलिटी डिसऑर्डर जैसी दूसरी स्थितियाँ थीं, जिनकी कुछ विशेषताएँ ऑटिज़्म से मिलती-जुलती हैं। इसलिए 65 से ऊपर का स्कोर और जानकारी जुटाने की अच्छी वजह है, लेकिन यह कोई सबूत नहीं है।
चार क्षेत्र
आपका कुल स्कोर चार क्षेत्रों के स्कोर से मिलकर बनता है। मूल अध्ययन में हर क्षेत्र के लिए भी एक सीमा सुझाई गई थी, जिस तक ऑटिस्टिक प्रतिभागी आमतौर पर पहुँचते थे:
- सामाजिक जुड़ाव (39 कथन, 0–117 अंक, सीमा 31): दोस्ती, हमदर्दी, अनलिखे सामाजिक नियमों को समझना, और सामाजिक स्थितियाँ कितनी थका देने वाली लगती हैं।
- सीमित रुचियाँ (14 कथन, 0–42 अंक, सीमा 15): गहरी रुचियाँ, रूटीन और एकरूपता की ज़रूरत, और बदलाव पर आपकी प्रतिक्रिया।
- भाषा (7 कथन, 0–21 अंक, सीमा 4): बातों का शाब्दिक अर्थ लेना, मुहावरों को समझना, और बातचीत के लेन-देन के साथ चल पाना।
- संवेदी/मोटर (20 कथन, 0–60 अंक, सीमा 16): आवाज़ों, रोशनी, बनावट और गंध से परेशानी, और बार-बार दोहराई जाने वाली हरकतें।
ये क्षेत्र अकेले कुल स्कोर से ज़्यादा बता सकते हैं। कई ऑटिस्टिक वयस्कों का स्कोर सामाजिक जुड़ाव और संवेदी अनुभवों में सबसे ज़्यादा होता है, लेकिन यह पैटर्न हर व्यक्ति में काफ़ी अलग होता है। सिर्फ़ एक क्षेत्र में ज़्यादा स्कोर, जैसे संवेदी संवेदनशीलता, की दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।
स्कोर किन वजहों से गुमराह कर सकता है
- दूसरी स्थितियाँ: एंग्ज़ायटी, डिप्रेशन, ट्रॉमा, ADHD और कुछ पर्सनैलिटी डिसऑर्डर की वजह से आप कई कथनों से सहमत हो सकते हैं।
- आपकी मौजूदा स्थिति: अगर आप किसी मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं, तो आप खुद को आम दिनों से ज़्यादा नकारात्मक ढंग से बता सकते हैं।
- बचपन की यादें: 16 साल से पहले आप कैसे थे, यह याद करना मुश्किल हो सकता है। हो सके तो माता-पिता या किसी ऐसे व्यक्ति से पूछें जो आपको बचपन से जानता हो।
- मास्किंग: जिन लोगों ने कई साल तक अपनी विशेषताएँ छिपाई हैं, वे शायद उन्हें खुद में पहचान न पाएँ, और उनका स्कोर उम्मीद से कम आ सकता है। CAT-Q इसी को मापती है।
अपने नतीजे के साथ क्या करें
अगर आपका स्कोर 65 से ऊपर है, और खासकर अगर आप बचपन वाले कई कथनों में खुद को पहचानते हैं, तो ऑटिज़्म जाँच के बारे में किसी डॉक्टर या साइकोलॉजिस्ट से बात करना फ़ायदेमंद हो सकता है। अपना नतीजा और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी और बचपन के कुछ ठोस उदाहरण साथ ले जाएँ। हमारी गाइड पढ़ें: वयस्क के रूप में ऑटिज़्म की जाँच कैसे करवाएँ।
अगर आपका स्कोर कम है, लेकिन फिर भी आप खुद को इन बातों में पहचानते हैं, तो आपके अनुभव उतने ही मायने रखते हैं। स्क्रीनिंग प्रश्नावलियाँ कुछ ऑटिस्टिक लोगों को पकड़ नहीं पातीं, खासकर उन्हें जो बहुत ज़्यादा मास्किंग करते हैं। आप AQ-50 से भी तुलना कर सकते हैं, जो ऑटिस्टिक विशेषताओं को एक अलग नज़रिए से देखती है।
टेस्ट देना चाहते हैं या दोबारा आज़माना चाहते हैं? RAADS-R यहाँ मुफ़्त में दें।