ऑटिज़्म टेस्ट कैसे दें
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यह समझने के लिए कि क्या आपको या आपके किसी अपने को ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) हो सकता है, ऑटिज़्म टेस्ट देना एक अहम पहला कदम हो सकता है। टेस्ट में क्या होगा और उसकी तैयारी कैसे करें, यह पहले से जान लेने से घबराहट कम होती है और आपको ज़्यादा सटीक नतीजे मिलते हैं।
ऑटिज़्म टेस्ट क्या है?
ऑटिज़्म टेस्ट एक स्क्रीनिंग टूल है, जिसका इस्तेमाल ऑटिज़्म से जुड़ी विशेषताओं और व्यवहारों को पहचानने के लिए किया जाता है। ये टेस्ट आप खुद भी दे सकते हैं या कोई विशेषज्ञ भी करवा सकता है। आम टेस्टों में AQ-10 और AQ-50 शामिल हैं, जिन्हें कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने बनाया है।
टेस्ट की तैयारी
- टेस्ट को समझें: टेस्ट के ढाँचे और उसमें आने वाले सवालों के प्रकार से पहले ही परिचित हो जाएँ। इससे घबराहट कम होती है और पूरी प्रक्रिया आसान हो जाती है।
- सही समय चुनें: टेस्ट तब दें जब आप शांत हों और आपका ध्यान भटकाने वाली कोई चीज़ न हो। इससे आप ध्यान लगा पाएँगे और सही जवाब दे पाएँगे।
- ईमानदारी से जवाब दें: सवालों के जवाब जितना हो सके सच्चाई से दें। भरोसेमंद आकलन के लिए सही जवाब बहुत ज़रूरी हैं।
टेस्ट के दौरान
- सहज रहें: गहरी साँस लें और शांत रहें। याद रखें, यह टेस्ट आपकी मदद के लिए है, आपको परखने के लिए नहीं।
- जल्दबाज़ी न करें: सवालों को जल्दी-जल्दी निपटाने की कोशिश न करें। हर जवाब पर ध्यान से सोचने के लिए पूरा समय लें।
- ज़रूरत हो तो मदद लें: अगर आप किसी बच्चे या किसी और की ओर से टेस्ट दे रहे हैं, तो पक्का करें कि वे सहज हों और सवालों को समझ रहे हों।
ऑटिज़्म टेस्ट देना खुद को बेहतर समझने और सही सहायता पाने की दिशा में एक अहम कदम है। ऑटिज़्म टेस्ट यहाँ दें।