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ऑटिस्टिक मास्किंग: यह क्या है और CAT-Q इसे कैसे मापती है

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चेहरे के सामने मुस्कुराता हुआ मुखौटा पकड़े एक व्यक्ति

बहुत से ऑटिस्टिक लोग बताते हैं कि “नॉर्मल” दिखने में उनकी बहुत ऊर्जा खर्च होती है: वे दूसरों की नकल करते हैं, बातचीत का पहले से अभ्यास करते हैं, और वह छिपाते हैं जो उन्हें स्वाभाविक लगता है। इसे मास्किंग या कैमोफ़्लाजिंग कहते हैं। इसकी वजह से बाहर से ऑटिज़्म को पहचानना मुश्किल हो सकता है, दूसरों के लिए भी और कभी-कभी खुद उस व्यक्ति के लिए भी। इस लेख में हम बताते हैं कि मास्किंग क्या है, लोग ऐसा क्यों करते हैं, इसकी क्या कीमत चुकानी पड़ती है, और CAT-Q प्रश्नावली इसे कैसे मापती है।

मास्किंग क्या है?

मास्किंग का मतलब है ऑटिस्टिक विशेषताओं को छिपाना या सामाजिक माहौल में घुलने-मिलने के लिए तरह-तरह की रणनीतियाँ अपनाना। शोधकर्ता अक्सर कैमोफ़्लाजिंग शब्द का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें तीन चीज़ें आती हैं:

  • मास्किंग: विशेषताओं को छिपाना और खुद का ज़्यादा सामाजिक रूप से स्वीकार्य रूप दिखाना, जैसे ज़बरदस्ती आँखें मिलाना, चेहरे के हाव-भाव पर काबू रखना या बार-बार दोहराई जाने वाली हरकतों को रोकना।
  • भरपाई: सामाजिक मुश्किलों की भरपाई के लिए सीखी हुई रणनीतियों का इस्तेमाल करना, जैसे इधर-उधर की बातचीत के लिए तैयार स्क्रिप्ट, फ़िल्मों और किताबों से सीखे नियम, या बाद में बातचीत का विश्लेषण करना।
  • घुलना-मिलना: दूसरों जैसा बनकर उनमें घुलने-मिलने की कोशिश करना, अक्सर कोई दिखावा करके, तब भी जब यह अस्वाभाविक लगे।

मास्किंग सोच-समझकर भी हो सकती है, और इतनी अपने-आप भी कि व्यक्ति को इसका पता ही न चले। बहुत से लोग बचपन में ही ऐसा करने लगते हैं, जब वे सीख जाते हैं कि उनके स्वाभाविक तरीके पर उन्हें चिढ़ाया जाता है, परेशान किया जाता है या डाँट पड़ती है।

लोग मास्किंग क्यों करते हैं?

अध्ययनों में ऑटिस्टिक वयस्क कई वजहें बताते हैं: दोस्त बनाना और दोस्ती बनाए रखना, स्कूल और नौकरी में टिके रहना, बुलिंग या अलग-थलग किए जाने से बचना, और भीड़ में अलग न दिखना। बहुत से लोग कहते हैं कि वे सुरक्षित रहने के लिए मास्किंग करते हैं। मास्किंग थोड़े समय के लिए काम कर सकती है, और यह एक ऐसी दुनिया के प्रति समझ में आने वाली प्रतिक्रिया है जो ऑटिस्टिक लोगों को ध्यान में रखकर नहीं बनी।

मास्किंग की क्या कीमत चुकानी पड़ती है?

मास्किंग में बहुत ऊर्जा लगती है। बहुत से लोग बताते हैं कि ऐसी सामाजिक स्थितियों के बाद वे पूरी तरह थक जाते हैं, जो बाहर से बिल्कुल आसान दिखती हैं। शोध में ज़्यादा कैमोफ़्लाजिंग का संबंध इनसे पाया गया है:

  • थकान, और वह स्थिति जिसे कई ऑटिस्टिक लोग ऑटिस्टिक बर्नआउट कहते हैं
  • एंग्ज़ायटी और डिप्रेशन
  • यह एहसास कि कोई नहीं जानता कि आप असल में कौन हैं, या खुद से ही नाता टूट जाना
  • देर से निदान होना, या गलत निदान होना

आखिरी बात अहम है। क्योंकि मास्किंग विशेषताओं को छिपा देती है, इसलिए बहुत से लोगों की, खासकर महिलाओं की, पहले दूसरी चीज़ों के लिए जाँच होती है, जैसे एंग्ज़ायटी, डिप्रेशन या ईटिंग डिसऑर्डर। कुछ लोगों में ऑटिज़्म की पहचान वयस्क होने पर ही होती है, अक्सर सालों तक बिना वजह जाने खुद को अलग महसूस करने के बाद। इस बारे में और पढ़ें हमारे लेख में: महिलाओं और लड़कियों में ऑटिज़्म।

CAT-Q मास्किंग को कैसे मापती है

Camouflaging Autistic Traits Questionnaire (CAT-Q) को लॉरा हल, विलियम मैंडी और उनके सहयोगियों ने बनाया था और यह 2019 में प्रकाशित हुई। यह उन इंटरव्यू पर आधारित है जिनमें ऑटिस्टिक वयस्कों ने अपनी कैमोफ़्लाजिंग के बारे में बताया। इसमें 25 कथन हैं, जैसे “सामाजिक स्थितियों में अपनाने के लिए मैंने एक स्क्रिप्ट बना रखी है” और “अपनी बॉडी लैंग्वेज या चेहरे के हाव-भाव पर मेरी नज़र बनी रहती है, ताकि मैं सहज दिखूँ”।

आप 1 (“पूरी तरह असहमत”) से 7 (“पूरी तरह सहमत”) तक के पैमाने पर जवाब देते हैं। पाँच कथनों के अंक उलटे गिने जाते हैं। कुल स्कोर 25 से 175 के बीच होता है, और आपको तीनों क्षेत्रों का अलग-अलग स्कोर भी मिलता है: भरपाई, मास्किंग और घुलना-मिलना।

अपने CAT-Q नतीजे को कैसे समझें

CAT-Q की कोई आधिकारिक कट-ऑफ़ सीमा नहीं है। ज़्यादा स्कोर का मतलब बस ज़्यादा कैमोफ़्लाजिंग है। मूल अध्ययन में ऑटिस्टिक वयस्कों ने औसतन गैर-ऑटिस्टिक वयस्कों से ज़्यादा कैमोफ़्लाजिंग बताई, लेकिन दोनों समूहों के स्कोर आपस में मिलते-जुलते भी थे। test-autism.com पर हम मोटे अंदाज़े के लिए ये दायरे इस्तेमाल करते हैं:

  • 25–79: ऑटिस्टिक विशेषताओं को छिपाने की संभावना बहुत कम
  • 80–99: ऑटिस्टिक विशेषताओं को छिपाने की संभावना कम
  • 100–119: ऑटिस्टिक विशेषताओं को छिपाने की संभावना ज़्यादा
  • 120 या उससे ज़्यादा: ऑटिस्टिक विशेषताओं को छिपाने की संभावना बहुत ज़्यादा

CAT-Q यह नहीं बताती कि आप ऑटिस्टिक हैं या नहीं। बहुत से गैर-ऑटिस्टिक लोग भी घुलने-मिलने के लिए खुद को ढालते हैं, जैसे सोशल एंग्ज़ायटी वाले लोग। नतीजा सबसे ज़्यादा काम का तब होता है जब उसे ऑटिस्टिक विशेषताओं को मापने वाली किसी प्रश्नावली के साथ देखा जाए, जैसे AQ-50 या RAADS-R। अगर उन पर आपका स्कोर मध्यम है लेकिन CAT-Q पर ज़्यादा, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपकी विशेषताएँ छिपी हुई हैं, और स्क्रीनिंग प्रश्नावली उन्हें कम करके आँकती है।

अगर आप खुद को इसमें पहचानते हैं

यह समझना कि आप मास्किंग करते हैं, राहत भरा भी हो सकता है और भारी भी। कुछ बातें जो बहुत से लोगों को मददगार लगती हैं:

  • ध्यान दें कि आप कब मास्किंग करते हैं और उसके बाद आप कैसा महसूस करते हैं। कौन-सी स्थितियाँ आपको सबसे ज़्यादा थकाती हैं?
  • संभलने के लिए समय निकालें, उन सामाजिक स्थितियों के बाद जो आपसे बहुत कुछ माँगती हैं।
  • ऐसी जगहें ढूँढें जहाँ आप मुखौटा उतार सकें, उन लोगों के साथ जिनके साथ आप सुरक्षित महसूस करते हैं, या ऑटिस्टिक लोगों के समुदायों में।
  • किसी विशेषज्ञ से बात करें अगर आप थके हुए हैं, एंग्ज़ायटी या डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं, या ऑटिज़्म की जाँच करवाना चाहते हैं। उन्हें बताएँ कि आप मास्किंग करते हैं, क्योंकि इससे इस पर असर पड़ सकता है कि आप उन्हें कैसे दिखते हैं। हमारी गाइड पढ़ें: वयस्क के रूप में ऑटिज़्म की जाँच कैसे करवाएँ।

जानना चाहते हैं कि आप कितना कैमोफ़्लाज करते हैं? CAT-Q यहाँ मुफ़्त में दें।

जब आप तैयार हों, तब शुरू करें।

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